ताजमहल इतिहास
ताजमहल - सम्पूर्ण यात्रा
ताजमहल परिसर के अंदर जाने के लिए तीन गेट (ईस्ट गेट, वेस्ट गेट और साउथ गेट) हैं। आप परिसर में मोबाइल, कैमरा और पानी की बोतल ले जा सकते हैं। लेकिन अन्य बड़े सामान जैसे बड़े बैग या कोई अन्य सामान नहीं ले जाया जा सकता है। इसके लिए टिकट काउंटर के पास क्लॉकरूम की सुविधा दी गई है। जहां आप अपना सामान वहां जमा कर सकते हैं।
ताजमहल के अंदर जाने के लिए, आपको अपना टिकट सत्यापित करना होगा। इसके लिए आप 2 घंटे की लंबी लाइन में खड़े होना होगा। या आप एक स्थानीय फोटोग्राफर को बुक कर सकते हैं और दूसरे शॉर्टकट से ले जा सकते हैं। ताजमहल के अंदर जाने के कई ऐसे रास्ते हैं जिनके बारे में सिर्फ लोकल लोग ही जानते है।
ताजमहल के अंदर
अगर आप किसी गेट से अंदर आते हैं तो आपको सबसे पहले मेन गेट पर जाना होगा, जिसे रॉयल गेट के नाम से भी जाना जाता है। यहां से आप ताजमहल के दर्शन कर सकेंगे।
खास बात यह है कि ताजमहल के चारों कोनों पर स्थित ये चारों मीनारें बाहर की ओर झुकी हुई हैं। इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर किसी कारण से ये मीनार गिर भी जाएं तो बाहर की ओर गिरेंगे। जिससे ताजमहल को कोई नुकसान नहीं होगा।
खास बात यह है कि ताजमहल के चारों कोनों पर स्थित ये चारों मीनारें बाहर की ओर झुकी हुई हैं। इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर किसी कारण से ये मीनार गिर भी जाएं तो बाहर की ओर गिरेंगे। जिससे ताजमहल को कोई नुकसान नहीं होगा।
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ताजमहल का इतिहास
ताजमहल का इतिहास बहुत ही अनोखा है। ताजमहल को हमेशा से प्यार का प्रतीक माना गया है। लेकिन https://worldhistoricalhistory.blogspot.com/ इस पर विश्वास नहीं करता। ऐसा ही कुछ अन्य वेबसाइटों पर आपको मिल जाएगा, जिसमें आपको खुश करने के लिए ताजमहल को प्यार का प्रतीक बताया जाता है। लेकिन हम आपको सच बताने आए हैं, आपको लुभाने के लिए नहीं।
ऐसी नयी नयी जगहों पर घूमने के लिये हमारी वेबसाइट https://worldhistoricalhistory.blogspot.com/ पर visit करे




